वंदे भारत एक्सप्रेस सुरक्षा परीक्षण: सकलेशपुर-सुब्रमण्य घाट खंड | Vande Bharat Express Safety Trials: Sakleshpur-Subrahmanya Ghat Section
मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- परीक्षण की शुरुआत: दक्षिण पश्चिम रेलवे के मैसूरु मंडल ने बुधवार, 12 अगस्त 2026 को वंदे भारत एक्सप्रेस के सुरक्षा परीक्षण शुरू किए।
- स्थान: चुनौतीपूर्ण सकलेशपुर-सुब्रमण्य रोड घाट खंड।
- रेक विवरण: चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) द्वारा निर्मित 20-कोच का रेक।
- उद्देश्य: बेंगलुरु-मंगलुरु मार्ग पर वंदे भारत के संचालन की व्यवहार्यता और सुरक्षा का आकलन करना।
- परीक्षण में शामिल: ब्रेकिंग, त्वरण, स्थिरता और स्वचालित आपातकालीन ब्रेकिंग प्रणाली का मूल्यांकन।
भारतीय रेलवे ने बेंगलुरु-मंगलुरु मार्ग पर वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दक्षिण पश्चिम रेलवे के मैसूरु मंडल ने बुधवार, 12 अगस्त 2026 को सकलेशपुर-सुब्रमण्य रोड घाट खंड पर एक स्वचालित आपातकालीन ब्रेक से सुसज्जित वंदे भारत एक्सप्रेस रेक के क्षेत्र परीक्षण शुरू किए। यह कदम सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन के लिए एक नए और चुनौतीपूर्ण मार्ग पर परिचालन व्यवहार्यता का आकलन करने के लिए उठाया गया है।
चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) द्वारा विशेष रूप से निर्मित 20-कोच का यह रेक पिछले सप्ताह मैसूरु पहुंचा था। मंगलवार, 11 अगस्त को मैसूरु में स्थिर परीक्षणों के बाद, उसी रात रेक को क्षेत्र परीक्षणों के लिए सकलेशपुर ले जाया गया। इन परीक्षणों का मुख्य उद्देश्य बेंगलुरु और मंगलुरु के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस के सुरक्षित और कुशल संचालन को सुनिश्चित करना है।
सकलेशपुर-सुब्रमण्य रोड घाट खंड भारतीय रेलवे के सबसे तकनीकी रूप से मांग वाले हिस्सों में से एक है। इसमें तीव्र ढलान, तीखे मोड़, कई सुरंगें और पुल शामिल हैं, जो पारंपरिक रूप से गति, ब्रेकिंग और ढलानों पर सुरक्षित आवाजाही से संबंधित परिचालन चुनौतियाँ प्रस्तुत करते रहे हैं। इन परीक्षणों के दौरान, रेलवे अधिकारी ब्रेकिंग, त्वरण, स्थिरता और अन्य महत्वपूर्ण परिचालन मापदंडों का बारीकी से मूल्यांकन कर रहे हैं, विशेष रूप से स्वचालित आपातकालीन ब्रेकिंग प्रणाली (Automatic Emergency Braking System) की प्रभावशीलता पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
ये परीक्षण कुछ और दिनों तक इस महत्वपूर्ण खंड में जारी रहेंगे, ताकि विभिन्न घाट स्थितियों के तहत रेक के प्रदर्शन का पूरी तरह से आकलन किया जा सके। इन परीक्षणों का सफल समापन और आवश्यक सुरक्षा मंजूरी बेंगलुरु और मंगलुरु के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस सेवा की संभावित शुरुआत का मार्ग प्रशस्त करेगी। भारतीय रेलवे इन क्षेत्र परीक्षणों को इस मार्ग पर वंदे भारत रेक की नियमित संचालन के लिए उपयुक्तता स्थापित करने की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया का हिस्सा मान रहा है, जिससे यात्रियों को बेहतर और तेज यात्रा का अनुभव मिल सकेगा।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
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स्रोत: यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रेलवे रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल रिपोर्ट पढ़ें



