Indian Railways Reservation System Upgrade | भारतीय रेलवे की आरक्षण प्रणाली में बड़ा अपग्रेड

Railway NewsMMaurya Ji Vlogger Editorial Team11 August 20264 min read
Indian Railways Reservation System Upgrade | भारतीय रेलवे की आरक्षण प्रणाली में बड़ा अपग्रेड

Indian Railways is upgrading its reservation system to a cloud-based platform, enabling 1.5 lakh bookings per minute. | भारतीय रेलवे अपनी आरक्षण प्रणाली को क्लाउड-आधारित प्लेटफॉर्म पर अपग्रेड कर रहा है, जिससे प्रति मिनट 1.5 लाख बुकिंग हो सकेंगी।

भारतीय रेलवे की आरक्षण प्रणाली में बड़ा अपग्रेड | Indian Railways Reservation System Upgrade

भारतीय रेलवे अपनी टिकट आरक्षण प्रणाली (PRS) को एक बड़े अपग्रेड के साथ क्लाउड-आधारित तकनीक में बदल रहा है। इस बदलाव से अब प्रति मिनट 1.5 लाख टिकट बुक किए जा सकेंगे, जो वर्तमान क्षमता 32,000 टिकट प्रति मिनट से कई गुना अधिक है। इस चरणबद्ध रोलआउट की शुरुआत अगस्त 2026 से हुई है, जिसका मुख्य उद्देश्य यात्रियों के लिए बुकिंग अनुभव को बेहतर बनाना और विशेष रूप से तत्काल बुकिंग के दौरान होने वाली धीमेपन व देरी की समस्या को हमेशा के लिए खत्म करना है।

मुख्य बिंदु (Key Highlights)

  • क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि: बुकिंग क्षमता 32,000 टिकट प्रति मिनट से बढ़कर 1.5 लाख टिकट प्रति मिनट हो जाएगी।
  • आधुनिक तकनीक: 2010 से चली आ रही पुरानी तकनीक को अत्याधुनिक क्लाउड-आधारित प्रणाली से बदला जाएगा, जिससे सिस्टम की स्थिरता और गति में सुधार होगा।
  • प्रमुख उद्देश्य: तत्काल बुकिंग के समय होने वाली धीमेपन की समस्या का समाधान करना और यात्रियों को एक सहज, कुशल व बेहतर उपयोगकर्ता अनुभव प्रदान करना।
  • चरणबद्ध शुरुआत: अगस्त 2026 से ट्रेनों को नई PRS प्रणाली में चरणबद्ध तरीके से स्थानांतरित किया जा रहा है, जो आने वाले महीनों में पूरी तरह लागू हो जाएगी।
  • नई सुविधाएँ: OTP सत्यापन, बहुभाषी और उपयोगकर्ता-अनुकूल इंटरफ़ेस, तथा अनाधिकृत एजेंटों पर लगाम लगाने जैसे सुरक्षा उपाय शामिल हैं।

तेज और आसान बुकिंग का अनुभव | Faster and Easier Booking Experience

रेलवे बोर्ड के अतिरिक्त महानिदेशक (जनसंपर्क) धर्मेंद्र तिवारी ने एक साक्षात्कार में बताया कि नई PRS प्रणाली में पुराने से नए की ओर जाते हुए 'लेयर बाय लेयर' लोड-आधारित परीक्षण किया जा रहा है, ताकि एक सहज बदलाव सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि नई IRCTC बीटा वेबसाइट भी इस संक्रमण प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह नई प्रणाली न केवल बुकिंग क्षमता बढ़ाएगी बल्कि प्रति मिनट 40 लाख से अधिक पूछताछ को भी कुशलता से संभालने में सक्षम होगी, जिससे जानकारी तक पहुंच भी तेज होगी।

यात्री आरक्षण प्रणाली (PRS) का इतिहास | History of Passenger Reservation System (PRS)

PRS प्रणाली, जिसे सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम्स (CRIS) द्वारा बनाया और बनाए रखा जाता है, 1986 में मैन्युअल बुकिंग रजिस्टरों की जगह शुरू की गई थी। इसके बाद 2002 में इंटरनेट-आधारित बुकिंग और 2014 में नेक्स्ट जनरेशन ई-टिकटिंग (NGeT) प्रणाली जैसे कई महत्वपूर्ण सुधार हुए। यह नवीनतम अपग्रेड इस विकास यात्रा का अगला कदम है, जो यात्रियों को आधुनिक और परेशानी मुक्त बुकिंग अनुभव प्रदान करेगा। OTP सत्यापन को जोड़ना अनाधिकृत एजेंटों पर अंकुश लगाने और टिकटों की कालाबाजारी को रोकने में भी सहायक होगा।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q1. भारतीय रेलवे की नई आरक्षण प्रणाली की मुख्य विशेषता क्या है?
भारतीय रेलवे की नई आरक्षण प्रणाली की मुख्य विशेषता इसकी बढ़ी हुई क्षमता है, जो प्रति मिनट 1.5 लाख टिकट बुकिंग और 40 लाख से अधिक पूछताछ को संभालने में सक्षम होगी। यह एक क्लाउड-आधारित तकनीक पर आधारित है।
Q2. यह अपग्रेड कब से शुरू हो रहा है?
इस आरक्षण प्रणाली अपग्रेड का चरणबद्ध रोलआउट अगस्त 2026 से शुरू हो गया है, जिसमें ट्रेनों को धीरे-धीरे नई PRS प्रणाली में स्थानांतरित किया जा रहा है।
Q3. नई प्रणाली से यात्रियों को क्या लाभ होगा?
नई प्रणाली से यात्रियों को तेज और अधिक विश्वसनीय बुकिंग अनुभव मिलेगा, खासकर तत्काल बुकिंग के दौरान। इसमें एक बहुभाषी, उपयोगकर्ता-अनुकूल इंटरफ़ेस और अनाधिकृत एजेंटों को रोकने के लिए OTP सत्यापन जैसी सुरक्षा सुविधाएँ भी होंगी।
Q4. तत्काल बुकिंग के दौरान क्या सुधार होंगे?
नई प्रणाली तत्काल बुकिंग के दौरान होने वाली धीमी गति और सर्वर क्रैश जैसी समस्याओं को हल करेगी। बढ़ी हुई क्षमता (1.5 लाख बुकिंग प्रति मिनट) से उच्च मांग के समय भी सहज बुकिंग सुनिश्चित होगी, जिससे यात्रियों को आसानी से टिकट मिल सकेंगे।
Q5. पुरानी PRS प्रणाली कब से उपयोग में थी?
भारतीय रेलवे की पुरानी यात्री आरक्षण प्रणाली (PRS) 2010 से उपयोग में थी, जिसे अब एक नई क्लाउड-आधारित तकनीक से बदला जा रहा है। मूल PRS प्रणाली 1986 में शुरू की गई थी।

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स्रोत: यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रेलवे रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल रिपोर्ट पढ़ें

Last Updated: 11 August 2026
AI-assisted · reviewed before publish
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Written by Maurya Ji Vlogger Editorial Team

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Author: Maurya Ji Vlogger Editorial Team

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