मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- संसदीय समिति ने भारतीय रेलवे से बुलेट ट्रेन के स्वदेशी घटकों के निर्माण और कौशल विकास कार्यक्रमों में तेजी लाने को कहा।
- समिति ने 10 अगस्त, 2026 को संसद में अपनी 10वीं रिपोर्ट पेश की।
- मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना का सूरत-वापी खंड अगस्त 2027 में शुरू होगा।
- भारतीय रेलवे 'B28' नामक स्वदेशी बुलेट ट्रेन (280 किमी प्रति घंटे की रफ्तार) विकसित कर रहा है।
- केंद्रीय बजट 2026-27 में सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की गई है।
भारतीय रेलवे की स्वदेशी बुलेट ट्रेन क्षमताओं को बढ़ावा देने के प्रयासों पर संसदीय स्थायी समिति ने रेल मंत्रालय से विस्तृत जानकारी मांगी है। समिति ने अपनी 10वीं रिपोर्ट में, जिसे 10 अगस्त, 2026 को संसद में पेश किया गया, मंत्रालय से बुलेट ट्रेन के घटकों के निर्माण में घरेलू क्षमताओं को बढ़ाने और अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञता की मदद से चलाए जा रहे कौशल विकास कार्यक्रमों पर प्रकाश डालने का आग्रह किया है।
समिति ने मंत्रालय को अन्य देशों में सफल हाई-स्पीड रेल नेटवर्कों का अध्ययन करने की भी सलाह दी है ताकि केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित सात भविष्य के हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के संचालन और प्रथाओं की बेहतर समझ विकसित की जा सके। इन सात नए कॉरिडोर में मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी शामिल हैं।
स्वदेशीकरण और प्रशिक्षण पर जोर | Emphasis on Indigenisation and Training
समिति ने रेल मंत्रालय के उस निर्णय की सराहना की है जिसमें अगस्त 2027 में सूरत-वापी (97 किमी) खंड पर 'B28' (भारत में निर्मित बुलेट ट्रेनसेट) का उपयोग करके परिचालन शुरू किया जाएगा। इस स्वदेशी ट्रेनसेट की डिज़ाइन गति 280 किमी प्रति घंटे है। हालांकि, समिति ने हाई-स्पीड रेल घटकों के स्वदेशीकरण में तेजी लाने और वडोदरा स्थित हाई-स्पीड रेल प्रशिक्षण संस्थान में अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञता का लाभ उठाकर प्रशिक्षण कार्यक्रमों के विस्तार के लिए किए जा रहे प्रयासों से अवगत कराने पर जोर दिया।
समिति ने अमृत भारत स्टेशन पुनर्विकास योजना के तहत पुनर्विकसित स्टेशनों के लिए एक प्रदर्शन मूल्यांकन ढांचा विकसित करने का भी सुझाव दिया, जिसमें यात्री संख्या, सुविधाओं का उपयोग, दिव्यांगजनों के लिए पहुंच, स्वच्छता और यात्री प्रतिक्रिया जैसे संकेतक शामिल हों। इसके अतिरिक्त, समिति ने गति शक्ति मल्टी मॉडल कार्गो (GCT) टर्मिनल नीति के तहत सभी परिचालन GCTs के लिए एक डिजिटल प्रदर्शन डैशबोर्ड विकसित करने का आग्रह किया।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
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स्रोत: यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रेलवे रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल रिपोर्ट पढ़ें



