भारतीय रेलवे का नया पीआरएस सिस्टम: तेज और स्मार्ट टिकट बुकिंग | Indian Railways' New PRS System: Faster, Smarter Ticket Booking
मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- अगस्त 2026 से चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है।
- सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम्स (CRIS) द्वारा विकसित।
- प्रति मिनट 1.5 लाख से अधिक टिकट बुकिंग की क्षमता।
- तेज तत्काल बुकिंग और बहुभाषी इंटरफ़ेस।
- क्लाउड-सक्षम और आधुनिक तकनीकों से युक्त।
भारतीय रेलवे ने अपनी 40 साल पुरानी पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) को आधुनिक बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसका उद्देश्य ट्रेन टिकट बुकिंग को तेज, अधिक सुविधाजनक और कुशल बनाना है। अगस्त 2026 से इस नए सिस्टम का चरणबद्ध तरीके से क्रियान्वयन शुरू हो गया है।
पीआरएस अपग्रेड क्यों? | Why the PRS Upgrade?
रेलवे बोर्ड के अतिरिक्त महानिदेशक, जनसंपर्क, धर्मेंद्र तिवारी ने बताया कि नए सिस्टम में चरणबद्ध तरीके से बदलाव शुरू हो गया है। सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम्स (CRIS) द्वारा विकसित यह प्रणाली 1986 में शुरू किए गए मैनुअल सिस्टम की जगह लेगी, जिसने बाद में ऑनलाइन और मोबाइल बुकिंग को भी समर्थन दिया।
पुराना सिस्टम, जो 2010 में इटैनियम सर्वर पर तैनात किया गया था, अब बढ़ती डिजिटल मांग को पूरा करने में सक्षम नहीं था। नया अपग्रेडेड पीआरएस सिस्टम प्रति मिनट 1.5 लाख से अधिक टिकट बुकिंग और 40 लाख से अधिक पूछताछ को संभालने में सक्षम होगा, जो वर्तमान क्षमता (लगभग 32,000 बुकिंग और 4 लाख पूछताछ प्रति मिनट) से काफी अधिक है।
नई प्रणाली की विशेषताएं | Features of the New System
यह नया सिस्टम यात्रियों के लिए कई सुविधाएं लाएगा:
- तेज बुकिंग: IRCTC की बीटा वेबसाइट के लॉन्च के बाद से तत्काल बुकिंग में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है, जिसमें 3 मिनट के भीतर पूरी होने वाली बुकिंग में 5% से अधिक की वृद्धि हुई है।
- उच्च क्षमता: यह प्रति मिनट अधिक संख्या में बुकिंग और पूछताछ को कुशलता से संभाल पाएगा।
- उपयोगकर्ता-अनुकूल इंटरफ़ेस: एक बहुभाषी और उपयोगकर्ता-अनुकूल इंटरफ़ेस प्रदान करेगा।
- आधुनिक तकनीक: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML), बिग डेटा एनालिटिक्स और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी नई तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
जून 2025 से जून 2026 के बीच, भारतीय रेलवे ने 65.08 करोड़ आरक्षित टिकट बुक किए, जिनमें से 57.90 करोड़ (89%) टिकट ऑनलाइन बुक किए गए। यह आंकड़ा ऑनलाइन बुकिंग की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है और नए पीआरएस सिस्टम की आवश्यकता पर जोर देता है। यह अपग्रेड भारतीय रेलवे के डिजिटल परिवर्तन में एक नया मील का पत्थर साबित होगा।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
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स्रोत: यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रेलवे रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल रिपोर्ट पढ़ें



