वंदे भारत ट्रेनों का स्टैंडर्ड गेज पर वैश्विक निर्यात लक्ष्य | Vande Bharat Trains Eyeing Global Markets on Standard Gauge
मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- रेलवे PSU RITES लिमिटेड स्टैंडर्ड गेज प्लेटफॉर्म पर वंदे भारत ट्रेनों के निर्यात की संभावना तलाश रही है।
- RITES CMD राहुल मित्तल के अनुसार, भारतीय रेलवे के साथ स्टैंडर्ड गेज प्रोटोटाइप विकसित करने पर प्रारंभिक चर्चा शुरू हो गई है।
- वर्तमान में भारत में वंदे भारत ट्रेनें ब्रॉड गेज (1,676 मिमी) नेटवर्क पर चलती हैं, जबकि अधिकांश विश्व में स्टैंडर्ड गेज (1,435 मिमी) का उपयोग होता है।
- वंदे भारत ट्रेनें 0 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार 52 सेकंड में पकड़ सकती हैं।
- रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पहले भारत को एक प्रमुख रेल निर्यातक के रूप में उभरने की बात कही थी।
नई दिल्ली: भारतीय रेलवे की सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई (PSU) RITES लिमिटेड, वंदे भारत ट्रेनों को स्टैंडर्ड गेज प्लेटफॉर्म पर विदेशी बाजारों में निर्यात करने की संभावना तलाश रही है। यह कदम भारतीय रेलवे के लिए वैश्विक रेल बाजार में एक नया अवसर खोल सकता है।
वर्ष 2019 में अपनी शुरुआत के बाद से, वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों ने 9 करोड़ से अधिक यात्रियों को यात्रा कराई है। वर्तमान में, भारतीय रेलवे नेटवर्क पर चेयर कार कोच के साथ वंदे भारत की 81 सेवाएं चल रही हैं। भारत में, वंदे भारत ट्रेनें ब्रॉड गेज (दो पटरियों के बीच 1,676 मिमी की दूरी) नेटवर्क पर चलती हैं, जबकि दुनिया के अधिकांश देशों में स्टैंडर्ड गेज (1,435 मिमी) का उपयोग होता है।
RITES के सीएमडी राहुल मित्तल ने एक बयान में कहा कि कंपनी ने स्टैंडर्ड गेज प्लेटफॉर्म पर वंदे भारत ट्रेनों के निर्यात की संभावना तलाशनी शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि स्टैंडर्ड गेज प्रोटोटाइप विकसित करने के लिए भारतीय रेलवे के साथ प्रारंभिक चर्चा शुरू हो चुकी है। मित्तल ने कहा, "हमने कुछ संभावित देशों से संपर्क किया है, जिनकी इसमें रुचि भी है। मुझे लगता है कि आने वाले महीनों में स्टैंडर्ड गेज प्लेटफॉर्म पर पहला प्रोटोटाइप विकसित करने की प्रक्रिया में तेजी आएगी।"
रेल मंत्रालय के अनुसार, वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें लगभग 52 सेकंड में 0 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती हैं, जो जापान और कई यूरोपीय देशों में सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनों के प्रदर्शन के बराबर है। अक्टूबर 2025 में, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि भारतीय रेलवे एक प्रमुख निर्यातक के रूप में उभर रहा है और भारत उच्च गति वाली ट्रेनों की अगली पीढ़ी पर भी काम कर रहा है, जिसका ध्यान अंतरराष्ट्रीय निर्यात बाजार पर है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
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स्रोत: यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रेलवे रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल रिपोर्ट पढ़ें



