वंदे भारत निर्यात पहल: RITES स्टैंडर्ड-गेज प्लेटफॉर्म पर वैश्विक बाजारों की तलाश में | Vande Bharat Export Initiative: RITES Explores Standard-Gauge Platform for Global Markets
भारतीय रेलवे की सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई (PSU) RITES लिमिटेड वंदे भारत ट्रेनों को स्टैंडर्ड-गेज प्लेटफॉर्म पर निर्यात करने की संभावना तलाश रही है। यह कदम भारतीय रेलवे के लिए विदेशी रेल बाजारों में एक नया द्वार खोल सकता है।
मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- RITES लिमिटेड स्टैंडर्ड-गेज प्लेटफॉर्म पर वंदे भारत ट्रेनों के निर्यात की संभावना तलाश रही है।
- यह पहल भारतीय रेलवे को वैश्विक रेल बाजार में एक प्रमुख निर्यातक के रूप में स्थापित करेगी।
- स्टैंडर्ड-गेज प्रोटोटाइप विकसित करने के लिए भारतीय रेलवे के साथ प्रारंभिक चर्चाएँ शुरू हो चुकी हैं।
- वंदे भारत ट्रेनें अपनी गति और त्वरण के लिए जानी जाती हैं, जो मौजूदा रेल बुनियादी ढांचे पर भी बेहतर प्रदर्शन करती हैं।
- भारत में वर्तमान में 81 जोड़ी वंदे भारत सेवाएं ब्रॉड-गेज नेटवर्क पर चल रही हैं।
वर्तमान में, भारत में वंदे भारत ट्रेनें ब्रॉड-गेज (1,676 मिमी) नेटवर्क पर चलती हैं, जबकि दुनिया के अधिकांश देश स्टैंडर्ड-गेज (1,435 मिमी) का उपयोग करते हैं। इस अंतर को पाटने के लिए, RITES स्टैंडर्ड-गेज पर प्रोटोटाइप विकसित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
RITES के सीएमडी राहुल मिथाली ने कहा, "हमने पहले ही स्टैंडर्ड-गेज प्लेटफॉर्म पर वंदे भारत के निर्यात की संभावनाओं को खोजना शुरू कर दिया है। भारतीय रेलवे के साथ स्टैंडर्ड-गेज प्रोटोटाइप विकसित करने के लिए प्रारंभिक चर्चाएँ शुरू हो चुकी हैं, और आने वाले महीनों में इसमें तेजी आएगी।"
वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें अपनी प्रभावशाली गति के लिए जानी जाती हैं, जो 0 से 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार लगभग 52 सेकंड में पकड़ लेती हैं। इनकी अधिकतम डिज़ाइन गति 180 किमी प्रति घंटा और परिचालन गति 160 किमी प्रति घंटा है। रेल मंत्रालय के अनुसार, 2019 में लॉन्च होने के बाद से वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों ने 9 करोड़ से अधिक यात्रियों को यात्रा कराई है।
अक्टूबर 2025 में, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि भारतीय रेलवे एक प्रमुख निर्यातक के रूप में उभर रहा है और भारत उच्च गति वाली ट्रेनों की अगली पीढ़ी पर भी काम कर रहा है, जिसका मुख्य ध्यान अंतरराष्ट्रीय निर्यात बाजार पर है। यह पहल भारत को वैश्विक रेल प्रौद्योगिकी मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाएगी।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
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स्रोत: यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रेलवे रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल रिपोर्ट पढ़ें



