मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- भारतीय रेलवे ने एसी कोच से लिनन (चादर, कंबल आदि) की चोरी रोकने के लिए नया रोडमैप तैयार किया है।
- इस रणनीति में बेडरोल अटेंडेंट की काउंसलिंग, सीसीटीवी निगरानी और 'कोच मित्र' ऐप का उपयोग शामिल है।
- वर्ष 2022 से मई 2026 के बीच ट्रेनों से 1.27 करोड़ लिनन आइटम चोरी हुए।
- चोरी हुए सामान की लागत ठेकेदारों और अटेंडेंट से वसूली जाती है।
- रेलवे संपत्ति (गैरकानूनी कब्जा) अधिनियम के तहत रेलवे लिनन की चोरी एक गैर-जमानती अपराध है।
- प्रत्येक कोच के लिए एसी कोच अटेंडेंट (ACCA) नामित करने से चोरी की घटनाओं में कमी आई है।
भारतीय रेलवे की चोरी रोकने की नई पहल | Indian Railways' New Initiative to Curb Theft
भारतीय रेलवे ने एसी कोचों से लिनन सामग्री (जैसे चादर, कंबल, तकिए) की चोरी को रोकने के लिए एक व्यापक रोडमैप अपनाया है। द इंडियन एक्सप्रेस को प्राप्त आरटीआई जवाबों के अनुसार, विभिन्न रेलवे डिवीजनों ने इस समस्या से निपटने के लिए कई उपाय किए हैं, जिनमें बेडरोल अटेंडेंट की काउंसलिंग, सीसीटीवी के माध्यम से लिनन की निगरानी और 'कोच मित्र' ऐप का उपयोग शामिल है।
रेलवे बोर्ड ने सितंबर 2015 में सभी जोनों के महाप्रबंधकों को पत्र लिखकर निर्देश दिया था कि लिनन वितरण कर्मचारी यात्रियों को डीबोर्डिंग से कम से कम 30 मिनट पहले उपयोग किए गए लिनन को वापस सौंपने की सलाह दें।
चोरी के आंकड़े और नुकसान | Theft Statistics and Losses
आरटीआई जवाबों से पता चला है कि 2022 से मई 2026 के बीच, 16 ज़ोनों के 54 डिवीजनों से कुल 1.27 करोड़ लिनन आइटम - जिनमें कंबल, तकिए, तकिए के कवर, चादरें और तौलिये शामिल हैं - ट्रेनों से चोरी हो गए। चोरी हुए सामान की लागत ठेकेदार के बिल से वसूल की जाती है, और ठेकेदार बदले में यह राशि कोचों में तैनात बेडरोल अटेंडेंट से वसूल करता है।
कार्रवाई और रोकथाम के उपाय | Actions and Preventive Measures
चोरी रोकने के लिए, अटेंडेंट को सतर्क रहने, लिनन की निगरानी करने और समय पर संग्रह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। उत्तर पश्चिम रेलवे के बीकानेर डिवीजन ने बताया कि अटेंडेंट 'कोच मित्र' ऐप का उपयोग कर रहे हैं, जो उन्हें यात्रियों के चढ़ने और उतरने की गतिविधियों को ट्रैक करने और लिनन के जारी करने व संग्रह को रिकॉर्ड करने में सक्षम बनाता है। मध्य रेलवे के भुसावल रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने कहा कि रेलवे संपत्ति (गैरकानूनी कब्जा) अधिनियम के तहत रेलवे तौलिये, चादरों या कंबलों की चोरी एक गैर-जमानती अपराध है। आरपीएफ को संदिग्ध यात्रियों के सामान की तलाशी लेने और रात की ट्रेनों में गश्त बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। कई डिवीजनों ने कोचों में सीसीटीवी लगाने और ठेकेदारों के कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन कराने जैसे कदम भी उठाए हैं। नई नीति के तहत प्रत्येक कोच के लिए एक एसी कोच अटेंडेंट (ACCA) नामित करने से चोरी की घटनाओं में कमी आई है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
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स्रोत: यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रेलवे रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल रिपोर्ट पढ़ें
