हैदराबाद को मिली 3 बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की सौगात | Hyderabad to Get 3 Bullet Train Corridors
मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हैदराबाद के लिए तीन नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की घोषणा की है।
- ये कॉरिडोर हैदराबाद को पुणे, चेन्नई और बेंगलुरु से जोड़ेंगे।
- इस परियोजना से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी और यात्रा का समय कम होगा।
- तेलंगाना के लिए रेलवे परियोजनाओं हेतु 5,400 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
- राज्य में कई रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य तेजी से चल रहा है।
हैदराबाद। रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि हैदराबाद को जल्द ही तीन नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर मिलेंगे। ये कॉरिडोर शहर को पुणे, चेन्नई और बेंगलुरु जैसे प्रमुख महानगरों से जोड़ेंगे, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
नए कॉरिडोर और लाभ (New Corridors and Benefits)
केंद्रीय मंत्री ने HYSEA GCCS & IT राउंडटेबल के बाद बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन तीन बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित मार्ग हैं:
- हैदराबाद-पुणे
- हैदराबाद-चेन्नई
- हैदराबाद-बेंगलुरु
इन हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा दक्षिणी और पश्चिमी भारत में लोगों की आवाजाही तेज होगी। यह हैदराबाद को देश के एक प्रमुख हाई-स्पीड रेल हब के रूप में स्थापित करेगा।
तेलंगाना के लिए रेलवे निवेश (Railway Investment for Telangana)
वैष्णव ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने तेलंगाना में रेलवे परियोजनाओं के लिए 5,400 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। यह निवेश राज्य भर में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के विकास को गति दे रहा है। इसके अतिरिक्त, केंद्र के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण कार्यक्रमों के तहत राज्य में 100 से अधिक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण कंपनियों को बढ़ावा मिला है।
स्टेशन पुनर्विकास कार्य (Station Redevelopment Work)
रेल मंत्री ने देश भर में चल रहे स्टेशन आधुनिकीकरण कार्यक्रम के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देशभर में 261 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास पूरा हो चुका है। तेलंगाना में बेगमपेट, हाईटेक सिटी, वारंगल और करीमनगर रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य पूरा हो गया है। वहीं, हैदराबाद (नामपल्ली), सिकंदराबाद, काजीपेट जंक्शन और मलकपेट जैसे स्टेशनों पर काम तेजी से चल रहा है। सिकंदराबाद स्टेशन पर परिचालन को बाधित किए बिना एक एयर कॉनकोर्स का निर्माण किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य इस साल के अंत तक 400 और अगले साल के अंत तक 700 स्टेशनों का पुनर्विकास पूरा करना है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
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स्रोत: यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रेलवे रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल रिपोर्ट पढ़ें
