आईआरसीटीसी की नई वेबसाइट लॉन्च: अब ट्रेन टिकट बुकिंग होगी तेज और आसान | IRCTC New Website Launched: Train Ticket Booking Now Faster and Easier
भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने अपनी टिकट-बुकिंग वेबसाइट का नया और रीडिजाइन किया गया संस्करण आज, 15 जुलाई, 2026 को लॉन्च कर दिया है। सरकार का वादा है कि यह नई वेबसाइट तेज पेज लोड, उच्च बुकिंग क्षमता प्रदान करेगी और तत्काल आरक्षण के दौरान यात्रियों को होने वाली आम परेशानियों को खत्म करेगी।
मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- तेज बुकिंग अनुभव: वेबसाइट अब प्रति मिनट 1.5 लाख से अधिक टिकट बुकिंग संसाधित कर सकती है, जो मौजूदा प्रणाली की क्षमता से लगभग पांच गुना अधिक है।
- नई सुविधाएँ: यात्री अब सीट वरीयता चुन सकेंगे, किराया कैलेंडर देख सकेंगे और एक ही स्क्रीन पर सभी कक्षाओं में सीटों की उपलब्धता जान सकेंगे।
- बहु-भाषा समर्थन: नई वेबसाइट कई भारतीय भाषाओं का समर्थन करती है, जिससे यह व्यापक उपयोगकर्ता आधार के लिए सुलभ हो सकेगी।
- एकीकृत रियायती बुकिंग: दिव्यांगजन, छात्रों और मरीजों के लिए रियायती बुकिंग अब एक एकीकृत प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी।
- कम बाधाएँ: अनावश्यक पॉप-अप और बार-बार CAPTCHA चेक को कम किया गया है, जिससे बुकिंग प्रक्रिया सुचारू होगी।
रेल मंत्री ने की थी घोषणा | Railway Minister Had Announced
पिछले महीने, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राजस्थान में एक कार्यक्रम के दौरान नई आईआरसीटीसी वेबसाइट के रोलआउट की घोषणा की थी। इस अपडेट का मुख्य कारण उस कार्यक्रम में उपस्थित छात्रों की प्रतिक्रिया थी, जिन्होंने मौजूदा आईआरसीटीसी पोर्टल पर टिकट बुक करने में आने वाली कठिनाइयों के बारे में बताया था।
बड़ी क्षमता और व्यापक सुधार | Increased Capacity and Wider Reforms
यह रीडिजाइन केवल वेबसाइट को नया रूप देना नहीं है, बल्कि इसे बड़े पैमाने पर ट्रैफिक को संभालने के लिए फिर से बनाया गया है। अब यह प्रति मिनट 1.5 लाख से अधिक टिकट बुकिंग और 40 लाख से अधिक पूछताछ को संभाल सकेगी। यह सुधार व्यापक भारतीय रेलवे सुधार योजना का हिस्सा है, जिसके तहत इस साल 52 सुधार लागू किए जा रहे हैं, जिनमें ठेकेदार नियमों से लेकर माल ढुलाई लॉजिस्टिक्स तक सब कुछ शामिल है। यह नई वेबसाइट यात्रियों को बेहतर अनुभव प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
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स्रोत: यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रेलवे रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल रिपोर्ट पढ़ें
