भारतीय रेलवे ने माल ढुलाई में बड़े सुधारों की घोषणा की (Indian Railways Announces Major Freight Reforms)
भारतीय रेलवे ने माल ढुलाई परिचालन को आधुनिक बनाने, निजी निवेश को बढ़ावा देने और लॉजिस्टिक्स लागत में कटौती के उद्देश्य से "रिफॉर्म एक्सप्रेस" पहल के तहत आठ नए संरचनात्मक सुधारों का अनावरण किया है। इन नए सुधारों के साथ, कुल संरचनात्मक सुधारों की संख्या अब 17 हो गई है, जिसका मुख्य ध्यान यात्री-केंद्रित सुधारों से हटकर लॉजिस्टिक्स दक्षता और निजी क्षेत्र की भागीदारी पर है।
मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 8 नए संरचनात्मक सुधारों की घोषणा की।
- ये सुधार माल ढुलाई परिचालन को आधुनिक बनाने और लॉजिस्टिक्स लागत घटाने पर केंद्रित हैं।
- फ्लाई ऐश के लिए कंटेनरीकृत परिवहन की शुरुआत, प्रदूषण कम करने और दक्षता बढ़ाने के लिए।
- कंटेनर ट्रेन ऑपरेटरों के लिए एकल पैन-इंडिया लाइसेंस और ₹25 करोड़ का एक समान शुल्क।
- उर्वरकों, खाद्यान्नों, आटे और दालों के लिए सरलीकृत किराया संरचना और कंटेनर-आधारित परिवहन।
- रेलवे परियोजनाओं में कारीगरों के लिए राष्ट्रव्यापी प्रमाणन नीति।
- निर्माण परियोजनाओं में देरी को कम करने के लिए प्रदर्शन सुरक्षा अग्रिम रूप से एकत्र की जाएगी।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली में इन सुधारों की घोषणा करते हुए कहा कि यह मंत्रालय के 52 सप्ताह में 52 सुधारों को लागू करने के व्यापक उद्देश्य का हिस्सा है। उनका लक्ष्य भविष्य के लिए तैयार रेलवे इकोसिस्टम का निर्माण करना है। इन सुधारों का उद्देश्य नियमों को सरल बनाना, निजी निवेश को आकर्षित करना और माल ढुलाई मूल्य श्रृंखला में परिचालन दक्षता में सुधार करना है।
माल ढुलाई में प्रमुख बदलाव: रेलवे ने पारंपरिक रूप से कोयला और सीमेंट जैसी थोक वस्तुओं पर निर्भरता कम करके कंटेनरीकृत और उच्च-मूल्य वाले कार्गो में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। एक महत्वपूर्ण सुधार फ्लाई ऐश के लिए कंटेनरीकृत परिवहन की शुरुआत है, जो थर्मल पावर उत्पादन का एक उप-उत्पाद है। इससे धूल प्रदूषण कम होगा और लॉजिस्टिक्स में सुधार होगा।
व्यवसाय में सुगमता: कंटेनर ट्रेन ऑपरेटर लाइसेंसिंग व्यवस्था को सरल बनाया गया है। अब चार अलग-अलग श्रेणियों के बजाय एक एकल पैन-इंडिया लाइसेंस होगा, जिसके लिए ₹25 करोड़ का एक समान पंजीकरण शुल्क लगेगा। इससे नियामक जटिलता कम होगी और निजी भागीदारी को प्रोत्साहन मिलेगा।
कृषि क्षेत्र को लाभ: उर्वरकों, खाद्यान्नों, आटे और दालों के लिए किराया संरचना को सरल बनाया गया है और कंटेनर-आधारित परिवहन की अनुमति दी गई है। इससे वितरण में लचीलापन आएगा, भंडारण में सुधार होगा और माल के नुकसान का जोखिम कम होगा।
कुशल कार्यबल और निर्माण सुधार: रेलवे परियोजनाओं में लगे कारीगरों के लिए एक राष्ट्रव्यापी प्रमाणन नीति शुरू की गई है, जिसमें क्यूआर कोड-सक्षम डिजिटल प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। बड़े निर्माण परियोजनाओं में देरी को कम करने के लिए, प्रदर्शन सुरक्षा अब अग्रिम रूप से एकत्र की जाएगी, जिससे केवल गंभीर ठेकेदार ही परियोजनाओं में भाग ले सकें।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
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स्रोत: यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रेलवे रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल रिपोर्ट पढ़ें
