रेलवे ने 'वीआईपी सैलून' विवाद पर दी सफाई: कोच IRCTC के माध्यम से किराए पर लिया गया था | Railways Clarifies 'VIP Saloon' Row: Coach Hired via IRCTC
मुंबई | अपडेटेड: 13 जुलाई, 2026, सुबह 08:35 बजे
मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- रेलवे ने ट्रेन संख्या 12926 से जुड़े 'वीआईपी सैलून' कोच को लेकर चल रही अटकलों को खारिज किया।
- यह कोच किसी सरकारी या वीआईपी अधिकारी को आवंटित नहीं किया गया था।
- कोच को 'दाना पानी, कन्नौज' नामक एक निजी पार्टी ने IRCTC के माध्यम से व्यावसायिक रूप से बुक किया था।
- यह बुकिंग भारतीय रेलवे के मौजूदा वाणिज्यिक सैलून बुकिंग नियमों के तहत की गई थी।
- रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सैलून कारों को IRCTC के माध्यम से व्यावसायिक रूप से किराए पर लिया जा सकता है।
सोशल मीडिया पर ट्रेन संख्या 12926 से जुड़े एक सैलून कोच को लेकर चल रही अटकलों के बीच, भारतीय रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह कोच किसी सार्वजनिक प्राधिकरण को आवंटित कोई सरकारी या वीआईपी सैलून नहीं था। बल्कि, इसे IRCTC के माध्यम से एक निजी पार्टी द्वारा व्यावसायिक रूप से किराए पर लिया गया था।
रेलवे अधिकारियों ने एक बयान में बताया कि यह सैलून कार 'दाना पानी, कन्नौज' द्वारा भारतीय रेलवे के मौजूदा वाणिज्यिक सैलून बुकिंग नियमों (Commercial Saloon Booking Rules) के तहत बुक की गई थी। इस स्पष्टीकरण के साथ, रेलवे ने उन सभी दावों को खारिज कर दिया है जिनमें इसे किसी वीआईपी के लिए विशेष आवंटन बताया जा रहा था। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि सैलून कारों को IRCTC के माध्यम से व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किराए पर लिया जा सकता है, जो एक स्थापित प्रक्रिया है। यह घटना रेलवे की पारदर्शी नीतियों को दर्शाती है और सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक जानकारियों पर अंकुश लगाने में मदद करती है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
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स्रोत: यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रेलवे रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल रिपोर्ट पढ़ें
