मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- भारत ने अपनी स्वयं की बुलेट ट्रेन विकसित करने का निर्णय लिया है।
- जापानी E10 शिंकानसेन ट्रेन 2034 से पहले उपलब्ध नहीं होगी।
- ETCS (यूरोपियन ट्रेन कंट्रोल सिस्टम) सिग्नलिंग तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
- मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल का पहला खंड अगस्त 2027 तक चालू होने की उम्मीद है।
- विदेश मंत्रालय ने पूर्व जापानी मंत्री की टिप्पणियों को 'निजी राय' बताया।
भारत अब बनाएगा अपनी बुलेट ट्रेन, जापानी E10 शिंकानसेन को छोड़ा | India to Develop Own Bullet Train, Ditches Japanese E10 Shinkansen
रेल मंत्रालय ने घोषणा की है कि भारत ने अपनी स्वयं की बुलेट ट्रेन विकसित करने और अंतर्राष्ट्रीय ETCS (यूरोपियन ट्रेन कंट्रोल सिस्टम) सिग्नलिंग प्रणाली अपनाने का निर्णय लिया है। यह कदम तब उठाया गया जब जापान ने संकेत दिया कि उसकी अगली पीढ़ी की E10 शिंकानसेन ट्रेन 2034 से पहले उपलब्ध नहीं होगी।
वरिष्ठ रेल मंत्रालय के अधिकारी ने 2024 में यह निष्कर्ष निकालने के बाद बताया कि जापान 2034 से पहले E10 शिंकानसेन नहीं दे पाएगा, जिसके बाद भारत सरकार ने अपनी बुलेट ट्रेन विकसित करने और एक अंतर्राष्ट्रीय सिग्नलिंग प्रणाली लागू करने का विकल्प चुना। जापान ने अभी तक E10 ट्रेनों, सिग्नलिंग प्रणाली या ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर (OCC) के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किए हैं, क्योंकि ट्रेन अभी भी डिजाइन चरण में है।
ETCS सिग्नलिंग प्रणाली का चुनाव | Selection of ETCS Signalling System
रेल मंत्रालय के अधिकारी ने स्पष्ट किया कि भारत और जापान दोनों ने ETCS (यूरोपियन ट्रेन कंट्रोल सिस्टम) का उपयोग करने पर सहमति व्यक्त की है, जो एक ओपन-स्टैंडर्ड सिग्नलिंग तकनीक है। यह प्रणाली कोरिया, ताइवान, चीन और यूरोप सहित कई देशों में विभिन्न रूपों में उपयोग की जा रही है। भारत में RRTS रैपिड रेल भी इसी प्रणाली के साथ डिज़ाइन की गई है। अधिकारी ने यह भी बताया कि जापानी E5 सीरीज के चरणबद्ध तरीके से बाहर होने के कारण जापानी आपूर्तिकर्ता प्रस्ताव साझा करने में असमर्थ थे।
मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना | Mumbai-Ahmedabad High-Speed Rail Project
शुरुआत में, 508 किलोमीटर लंबी मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना के लिए जापान से शिंकानसेन ट्रेनसेट, सिग्नलिंग प्रणाली और ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर की आपूर्ति की उम्मीद थी, जबकि भारत नागरिक निर्माण के लिए जिम्मेदार था। संशोधित दृष्टिकोण से जापान की अगली पीढ़ी की E10 बुलेट ट्रेन की अनुपलब्धता में देरी के बावजूद परियोजना को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। अध्ययन बताते हैं कि मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर का पहला खंड अगस्त 2027 तक व्यावसायिक रूप से चालू हो सकता है।
जापानी मंत्री की टिप्पणियों पर विदेश मंत्रालय का जवाब | MEA's Response to Japanese Minister's Remarks
यह जानकारी एक पूर्व जापानी मंत्री द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए दावों के बाद आई है, जिसमें उन्होंने भारत की बुलेट ट्रेन परियोजना में "पूरी तरह से लापरवाही" का आरोप लगाया था, जिससे देरी हुई। विदेश मंत्रालय (MEA) ने इन टिप्पणियों को "निजी राय... तथ्यों से भिन्न" बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि दोनों देशों के बीच चर्चा अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
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स्रोत: यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रेलवे रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल रिपोर्ट पढ़ें
