नया रेलवे टिकट आरक्षण नियम प्रभावी | New Railway Ticket Reservation Rule Effective
भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। आज, 10 जुलाई, 2026 से, ट्रेनों में अग्रिम आरक्षण की समय सीमा 120 दिनों से घटाकर 60 दिन कर दी गई है। यह कदम टिकटों की कालाबाजारी को रोकने और यात्रियों के लिए अधिक सीटों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- भारतीय रेलवे ने अग्रिम टिकट बुकिंग की समय सीमा 120 दिन से घटाकर 60 दिन की।
- नया नियम 10 जुलाई, 2026 से प्रभावी।
- यह बदलाव टिकटों की जमाखोरी रोकने और उपलब्धता बढ़ाने के लिए किया गया है।
- ताज एक्सप्रेस और गोमती एक्सप्रेस जैसी कुछ ट्रेनों पर यह नियम लागू नहीं होगा।
- विदेशी पर्यटक अभी भी 365 दिन पहले तक टिकट बुक कर सकते हैं।
रेलवे के अनुसार, यह देखा गया कि 61 से 120 दिनों की अवधि के लिए की गई लगभग 21% बुकिंग रद्द हो रही थीं। इस उच्च रद्दीकरण दर और टिकटों की जमाखोरी की संभावना को कम करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। हालांकि, इस साल 31 अक्टूबर तक की गई सभी बुकिंग वैध रहेंगी और उन पर नए नियम का असर नहीं पड़ेगा।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह नया नियम कुछ विशेष ट्रेनों, जैसे ताज एक्सप्रेस और गोमती एक्सप्रेस पर लागू नहीं होगा। इन ट्रेनों में अग्रिम आरक्षण के लिए पहले से ही कम समय सीमा का पालन किया जाता रहेगा। विदेशी पर्यटकों के लिए अग्रिम बुकिंग की 365 दिनों की समय सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वे अपनी यात्रा के लिए एक साल पहले तक टिकट बुक कर सकते हैं।
सामान्य आरक्षण शर्तों में यह भी शामिल है कि टिकट केवल रेलवे आरक्षण कार्यालयों या अधिकृत ट्रैवल एजेंसियों से ही खरीदें। एक आवेदन पर अधिकतम 6 यात्री एक ही ट्रेन और गंतव्य के लिए टिकट बुक कर सकते हैं। आरक्षित बर्थ रात 9 बजे से सुबह 6 बजे के बीच सोने के लिए होती है, जबकि दिन के समय इसे अन्य यात्रियों के साथ साझा किया जा सकता है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
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स्रोत: यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रेलवे रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल रिपोर्ट पढ़ें
