दक्षिणी राज्यों में वंदे भारत ट्रेनों का जलवा कायम: अप्रैल-मई 2026 में 162.96 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व
दक्षिणी रेलवे जोन में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की लोकप्रियता में जबरदस्त उछाल आया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले दो महीनों (अप्रैल-मई) में इन प्रीमियम सेमी-हाई स्पीड ट्रेनों ने 15.21 लाख यात्रियों को ढोया और 162.96 करोड़ रुपये का प्रभावशाली राजस्व अर्जित किया है। रेलवे अधिकारियों ने इस वृद्धि का श्रेय उच्च अधिभोग स्तर और 'करंट बुकिंग' सुविधा की सफलता को दिया है।
मुख्य बिंदु
- अप्रैल-मई 2026 में 15.21 लाख यात्रियों ने वंदे भारत ट्रेनों में यात्रा की।
- इसी अवधि में 162.96 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व अर्जित किया गया।
- पिछले वर्ष (अप्रैल-मई 2025) की तुलना में राजस्व में 36.35% की वृद्धि हुई।
- 'करंट बुकिंग' सुविधा से यात्रियों और राजस्व दोनों में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई।
- दक्षिणी रेलवे के तहत 17 वंदे भारत ट्रेनें तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के प्रमुख शहरों को जोड़ती हैं।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-मई 2025 में वंदे भारत सेवाओं से राजस्व 119.52 करोड़ रुपये था, जो इस साल बढ़कर 162.96 करोड़ रुपये हो गया। यात्रियों की संख्या भी इसी अवधि में 11.41 लाख से बढ़कर 15.21 लाख हो गई।
'करंट बुकिंग' सुविधा बनी यात्रियों की पसंद
'करंट बुकिंग' सुविधा ने सीटों के इष्टतम उपयोग में मदद की है और यात्रियों के लिए अंतिम समय की यात्रा को काफी आसान बना दिया है। इस सुविधा के तहत, ट्रेन के प्रस्थान से 15 मिनट पहले तक खाली सीटों को बुक किया जा सकता है, न केवल शुरुआती स्टेशन पर बल्कि मार्ग के किसी भी स्टेशन पर भी।
आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि अप्रैल-मई 2025 में 'करंट बुकिंग' सुविधा के माध्यम से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या 61,990 थी, जो अप्रैल-मई 2026 में बढ़कर 1,39,817 हो गई। परिणामस्वरूप, इस सुविधा से उत्पन्न राजस्व भी 4.44 करोड़ रुपये से बढ़कर 10.13 करोड़ रुपये हो गया।
बेंगलुरु स्थित आईटी पेशेवर और रेल उत्साही अरुणपंडियन ने कहा, "यात्री वंदे भारत ट्रेनों को उनकी गति और आराम के कारण पसंद करते हैं। इसके अलावा, करंट बुकिंग सुविधा यात्रियों के लिए वरदान साबित हुई है, जिससे अंतिम समय की यात्रा आसान हो गई है।"
पूरे भारत में, वंदे भारत ट्रेनों ने अपनी शुरुआत के बाद से बढ़ती लोकप्रियता देखी है। भारतीय रेलवे द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 2025-26 के दौरान 3.98 करोड़ यात्रियों ने इन ट्रेनों में यात्रा की, जबकि अपनी स्थापना के बाद से 9.1 करोड़ से अधिक यात्रियों ने इस सेवा का उपयोग किया है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
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स्रोत: यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रेलवे रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल रिपोर्ट पढ़ें
