राइट्स और भारतीय रेलवे नए FTA के माध्यम से वैश्विक निर्यात में तेजी | RITES and Indian Railways Accelerate Exports Via New FTAs
मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- RITES और भारतीय रेलवे मिलकर वैश्विक बाजारों में निर्यात बढ़ा रहे हैं।
- नए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) इस निर्यात को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
- रेलवे उपकरण, रोलिंग स्टॉक और तकनीकी परामर्श प्रमुख निर्यात उत्पाद हैं।
- 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत उत्पादित उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों पर जोर।
- अफ्रीका, दक्षिण एशिया और मध्य पूर्व जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान।
नई दिल्ली: भारतीय रेलवे और रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस (RITES) लिमिटेड, एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम, नए मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs) का लाभ उठाकर वैश्विक बाजारों में अपने निर्यात को तेजी से बढ़ा रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' विजन को बढ़ावा देते हुए भारतीय रेलवे उत्पादों और विशेषज्ञता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाना है।
RITES, रेलवे क्षेत्र में अपनी तकनीकी और प्रबंधकीय विशेषज्ञता के लिए जाना जाता है, भारतीय रेलवे द्वारा निर्मित रोलिंग स्टॉक (जैसे लोकोमोटिव और कोच), ट्रैक सामग्री, सिग्नलिंग उपकरण और अन्य रेलवे बुनियादी ढाँचे के घटकों के निर्यात में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह सहयोग भारत को वैश्विक रेलवे आपूर्ति श्रृंखला में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने में मदद कर रहा है।
निर्यात के प्रमुख क्षेत्र (Key Export Areas)
- रोलिंग स्टॉक: विभिन्न देशों को यात्री कोच और मालगाड़ी के वैगन का निर्यात।
- रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर: ट्रैक, ब्रिज घटक और सिग्नलिंग सिस्टम की आपूर्ति।
- परामर्श सेवाएं: रेलवे परियोजनाओं के लिए तकनीकी और इंजीनियरिंग परामर्श।
नए FTA इन निर्यातों के लिए अनुकूल व्यापारिक वातावरण प्रदान करते हैं, जिससे आयात शुल्क कम होता है और बाजार तक पहुंच आसान होती है। यह भारतीय रेलवे के लिए अफ्रीका, दक्षिण एशिया, मध्य पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशिया जैसे क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति का विस्तार करने के अवसर खोलता है, जहां भारतीय निर्मित रेलवे उत्पादों की मांग बढ़ रही है।
इस रणनीतिक कदम से न केवल भारतीय रेलवे के राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि यह भारत की इंजीनियरिंग और विनिर्माण क्षमताओं को भी वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करेगा, जिससे देश की आर्थिक वृद्धि को गति मिलेगी।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
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स्रोत: यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रेलवे रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल रिपोर्ट पढ़ें
