Jalandhar Cantt Railway Station Redevelopment | जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का 125 करोड़ में पुनर्विकास, PM मोदी 17 जुलाई को करेंगे उद्घाटन

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Railway News Desk
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Jalandhar Cantt Railway Station Redevelopment | जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का 125 करोड़ में पुनर्विकास, PM मोदी 17 जुलाई को करेंगे उद्घाटन

Jalandhar Cantt railway station has been redeveloped at a cost of Rs 125 crore and PM Modi is likely to inaugurate it on July 17. | जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का 125 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास किया गया है, जिसका उद्घाटन पीएम मोदी 17 जुलाई को कर सकते हैं।

जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का 125 करोड़ रुपये में पुनर्विकास, PM मोदी 17 जुलाई को करेंगे उद्घाटन - Jalandhar Cantt Railway Station Redevelopment

जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का 125 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास किया गया है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को कर सकते हैं। यह स्टेशन भारतीय रेलवे की महत्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन योजना (ABSS) के तहत आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है।

मुख्य बिंदु (Key Highlights)

  • लागत: पुनर्विकास पर 125 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
  • उद्घाटन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 17 जुलाई को उद्घाटन किए जाने की संभावना है।
  • योजना: अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आधुनिकीकरण।
  • विशेषता: 110 साल पुराने इस स्टेशन को विश्व स्तरीय यात्री सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है।
  • दैनिक फुटफॉल: स्टेशन पर प्रतिदिन लगभग 7,500 यात्रियों का आवागमन होता है।
  • ट्रेनों की संख्या: यहां से 66 अप और 66 डाउन ट्रेनें गुजरती हैं, जिनमें वंदे भारत एक्सप्रेस भी शामिल हैं।

अत्याधुनिक सुविधाएं और डिजाइन - Modern Facilities and Design

पुनर्विकसित जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन में यात्रियों की सुविधा के लिए कई नई सुविधाएं जोड़ी गई हैं। इनमें एक विशाल डबल-हाइट एयर कॉनकोर्स, प्लेटफॉर्म पर भारी स्टील की छत, फिसलने-रोधी फर्श, ऊर्जा-कुशल एलईडी लाइटिंग और शहर के दोनों ओर से बेहतर कनेक्टिविटी के लिए प्रवेश बिंदु शामिल हैं। स्टेशन पर 6 मीटर और 9 मीटर चौड़ाई वाले दो नए फुट ओवर ब्रिज (FOBs) भी बनाए गए हैं।

उत्तरी रेलवे के फिरोजपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले इस स्टेशन में 8,720 वर्ग मीटर में फैला 40 मीटर चौड़ा ट्रफ रूफ और 1,770 वर्ग मीटर में फैला 36 मीटर चौड़ा एयर कॉनकोर्स भी शामिल है। इसके अतिरिक्त, 300 वर्ग मीटर की नई दूसरी प्रवेश द्वार वाली स्टेशन बिल्डिंग और 4,855 वर्ग मीटर का पार्किंग क्षेत्र यात्रियों के लिए सुविधा बढ़ाता है।

केंद्रीय मंत्री ने किया निरीक्षण - Union Minister Inspected

केंद्रीय रेल और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे की तैयारियों की समीक्षा के लिए पुनर्विकसित जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। उन्होंने इस परियोजना को पंजाब के रेलवे के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।

अमृत भारत स्टेशन योजना और पंजाब - Amrit Bharat Station Scheme and Punjab

यह स्टेशन उन 30 रेलवे स्टेशनों में से एक है जिन्हें पंजाब में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत नवीनीकरण और आधुनिकीकरण के लिए चिन्हित किया गया है। इस योजना का उद्देश्य भारतीय रेलवे नेटवर्क पर स्टेशनों का विकास और उन्नयन करना है, जिसमें मास्टर प्लान बनाना और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना शामिल है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q1. जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास पर कितनी लागत आई है?
जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास पर लगभग 125 करोड़ रुपये की लागत आई है। यह परियोजना भारतीय रेलवे की अमृत भारत स्टेशन योजना का हिस्सा है।
Q2. जालंधर कैंट स्टेशन का उद्घाटन कौन और कब करेगा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 17 जुलाई को पुनर्विकसित जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का उद्घाटन किए जाने की संभावना है। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने इसकी तैयारियों का जायजा लिया है।
Q3. अमृत भारत स्टेशन योजना क्या है?
अमृत भारत स्टेशन योजना (ABSS) भारतीय रेलवे द्वारा 2022 में शुरू की गई एक पहल है। इसका उद्देश्य रेलवे स्टेशनों का विकास और उन्नयन करके उन्हें विश्व स्तरीय यात्री सुविधाएं प्रदान करना है।
Q4. जालंधर कैंट स्टेशन पर क्या नई सुविधाएं जोड़ी गई हैं?
स्टेशन पर एक डबल-हाइट एयर कॉनकोर्स, भारी स्टील प्लेटफॉर्म रूफिंग, एलईडी लाइटिंग, दोनों तरफ से प्रवेश बिंदु, 6 और 9 मीटर चौड़े दो नए फुट ओवर ब्रिज (FOBs) और एक बड़ा पार्किंग क्षेत्र जैसी आधुनिक सुविधाएं जोड़ी गई हैं।
Q5. पंजाब में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कितने स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है?
पंजाब में कुल 30 रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत नवीनीकरण और आधुनिकीकरण के लिए चिन्हित किया गया है, जिनमें जालंधर कैंट भी शामिल है।

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स्रोत: यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रेलवे रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल रिपोर्ट पढ़ें

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