मुख्य बिंदु
- भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का अंतिम हाई-स्पीड परीक्षण जींद, हरियाणा से शुरू।
- ट्रेन ने जींद-सोनीपत मार्ग पर 120 किमी/घंटा की रफ्तार से परीक्षण किया।
- रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन (RDSO) ने परीक्षण की निगरानी की।
- यह भारत को हरित रेल परिवहन वाले चुनिंदा देशों में शामिल करेगा।
- जींद स्टेशन पर हाइड्रोजन ईंधन भरने और भंडारण की सुविधा स्थापित।
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के अंतिम हाई-स्पीड परीक्षण शुरू
हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से भारत की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन ने शुक्रवार, 26 जून, 2026 को अपने अंतिम हाई-स्पीड परीक्षण शुरू कर दिए हैं। यह भारतीय रेलवे के लिए हरित ऊर्जा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ट्रेन ने जींद-सोनीपत रेलवे लाइन पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़कर अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया।
परीक्षण और निगरानी
लखनऊ स्थित रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन (RDSO) की एक विशेष इकाई ने इन परीक्षणों की निगरानी के लिए जींद स्टेशन पर मौजूद थी। इससे पहले, हाइड्रोजन ट्रेन के कम गति वाले परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं। इन हाई-स्पीड परीक्षणों में ब्रेक प्रदर्शन, इंजन क्षमता, सुरक्षा प्रणालियों, कंपन स्तर और पटरियों की स्थिति सहित कई प्रमुख विशेषताओं का मूल्यांकन किया जा रहा है ताकि परिचालन और सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित किया जा सके।
स्वच्छ ऊर्जा की ओर अग्रसर भारत
यह हाइड्रोजन ट्रेन रेलवे परिवहन क्षेत्र के लिए स्वच्छ ऊर्जा स्रोत की दिशा में भारत की प्रगति को दर्शाती है। जर्मनी, जापान, चीन और अमेरिका जैसे कुछ ही देश पर्यावरण-अनुकूल रेल परिवहन के लिए हाइड्रोजन का उपयोग कर रहे हैं। इस पहल के बाद, भारत भी इस विशिष्ट समूह का हिस्सा बन जाएगा। हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा में जींद और सोनीपत के बीच 90 किलोमीटर के मार्ग पर चलेगी, जिसकी औसत गति 110 किमी/घंटा से 140 किमी/घंटा रहने की उम्मीद है। जींद स्टेशन पर इस ट्रेन के लिए हाइड्रोजन ईंधन भरने और भंडारण की व्यवस्था पहले ही स्थापित की जा चुकी है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
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स्रोत: यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रेलवे रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल रिपोर्ट पढ़ें
