India's First Bullet Train Phased Operations from 2027 | भारत की पहली बुलेट ट्रेन का चरणबद्ध संचालन 2027 से
मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- भारत की पहली बुलेट ट्रेन सेवा 15 अगस्त, 2027 से चरणबद्ध तरीके से शुरू होगी।
- पहला परिचालन खंड सूरत-बिलिमोरा होगा, जो मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का हिस्सा है।
- रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी घोषणा की।
- मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना का लगभग 80% काम पूरा हो चुका है।
- हैदराबाद के लिए तीन नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की भी घोषणा की गई है।
- देश भर में 261 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
भारत की पहली बुलेट ट्रेन सेवा 15 अगस्त, 2027 से चरणबद्ध तरीके से शुरू होगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (MAHSR) कॉरिडोर का सूरत-बिलिमोरा खंड पहला परिचालन खंड होगा। यह कदम हाई-स्पीड रेल के लाभों को यात्रियों तक जल्द से जल्द पहुंचाने के उद्देश्य से उठाया गया है, जबकि शेष खंडों पर निर्माण कार्य जारी रहेगा।
मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (Mumbai-Ahmedabad High-Speed Rail Corridor)
508 किलोमीटर लंबे मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का निर्माण तेजी से जारी है। मंत्री वैष्णव के अनुसार, परियोजना का लगभग 80% काम पूरा हो चुका है। चरणबद्ध रोलआउट योजना के तहत, सूरत-बिलिमोरा के बाद वापी-सूरत, फिर वापी-अहमदाबाद, अहमदाबाद-थाणे और अंत में अहमदाबाद-मुंबई खंड को चालू किया जाएगा। यह परियोजना भारत में हाई-स्पीड रेल तकनीक पेश करेगी, दोनों शहरों के बीच यात्रा के समय को कम करेगी और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी।
अन्य हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और स्टेशन पुनर्विकास (Other High-Speed Rail Corridors and Station Redevelopment)
मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर के अलावा, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार की योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद के लिए तीन नए हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन कॉरिडोर दिए हैं। ये कॉरिडोर हैदराबाद को पुणे, चेन्नई और बेंगलुरु से जोड़ेंगे, जिससे देश का हाई-स्पीड रेल नेटवर्क और मजबूत होगा। मंत्री ने सरकार के 'नव-निर्माण' रेलवे स्टेशन पुनर्विकास कार्यक्रम की प्रगति की भी समीक्षा की, जिसके तहत देश भर में 261 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। तेलंगाना में सिकंदराबाद, बेगमपेट और हाईटेक सिटी जैसे स्टेशनों पर पुनर्विकास का काम चल रहा है। राज्य में रेल कनेक्टिविटी में सुधार के लिए तेलंगाना के रेलवे बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए 5,400 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
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स्रोत: यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रेलवे रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल रिपोर्ट पढ़ें
