दक्षिण पूर्व रेलवे में 200 करोड़ की OFC परियोजना को मंजूरी | Indian Railways Sanctions Rs 200 Cr For OFC Project Across SE Railway
मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- भारतीय रेलवे ने दक्षिण पूर्व रेलवे (SE Railway) में डिजिटल संचार को मजबूत करने के लिए 200 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी है।
- यह परियोजना 48-फाइबर ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।
- इसमें दक्षिण पूर्व रेलवे के चार प्रमुख डिवीजन शामिल होंगे, जो कुल 1696.2 रूट किलोमीटर (RKm) क्षेत्र को कवर करेंगे।
- परियोजना से रेलवे संचालन में सुरक्षा, दक्षता और विश्वसनीयता बढ़ेगी।
- यह आधुनिक रेलवे तकनीक और भविष्य के विस्तार के लिए डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी।
नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने दक्षिण पूर्व रेलवे (SE Railway) में डिजिटल संचार प्रणाली को उन्नत करने के लिए 200 करोड़ रुपये की एक महत्वपूर्ण परियोजना को मंजूरी दे दी है। रेल मंत्रालय ने मंगलवार (30 जून) को एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से इस घोषणा की, जिसमें बताया गया कि यह पहल रेलवे के संचालन को अधिक सुरक्षित और कुशल बनाएगी।
इस परियोजना के तहत, दक्षिण पूर्व रेलवे के चार प्रमुख डिवीजनों में 48-फाइबर ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) कनेक्टिविटी स्थापित की जाएगी। कुल मिलाकर, यह परियोजना 1696.2 रूट किलोमीटर (RKm) के व्यापक क्षेत्र को कवर करेगी।
परियोजना का विवरण (Project Details)
परियोजना में शामिल डिवीजन और उनके लिए स्वीकृत कार्य इस प्रकार हैं:
- आद्रा डिवीजन (Adra Division): 545.4 RKm
- चक्रधरपुर डिवीजन (Chakradharpur Division): 392.3 RKm
- खड़गपुर डिवीजन (Kharagpur Division): 339.9 RKm
- रांची डिवीजन (Ranchi Division): 418.6 RKm
यह उन्नत फाइबर कनेक्टिविटी रेलवे के संचालन को एक मजबूत उच्च क्षमता वाले संचार नेटवर्क के साथ बेहतर बनाएगी। यह परियोजना रेलवे संचार प्रणाली की लचीलापन और विश्वसनीयता को बढ़ावा देगी, परिचालन डेटा के तेजी से संचरण को सुनिश्चित करेगी और स्टेशनों, नियंत्रण कार्यालयों व फील्ड इकाइयों के बीच समन्वय को बढ़ाएगी। इसके अतिरिक्त, यह परियोजना आधुनिक रेलवे प्रौद्योगिकी को सुगम बनाएगी, परिचालन दक्षता बढ़ाएगी और दक्षिण पूर्व रेलवे में भविष्य के विस्तार के लिए डिजिटल संरचना को मजबूत करेगी। यह मंजूरी उन्नत ट्रांसमिशन सिस्टम प्रदान करके रेलवे के बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण करेगी, जिससे सुरक्षित, उन्नत और अधिक कुशल ट्रेन संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
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स्रोत: यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रेलवे रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल रिपोर्ट पढ़ें
