भारतीय रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IRFC) में सरकार बेचेगी 2% हिस्सेदारी, ₹2300 करोड़ जुटाने का लक्ष्य
केंद्र सरकार ने इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IRFC) में अपनी हिस्सेदारी का 2% तक ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेचने की घोषणा की है। इस कदम से सरकार को ₹2300 करोड़ से अधिक जुटाने में मदद मिल सकती है, जो वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए उसके विनिवेश कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
मुख्य बिंदु:
- हिस्सेदारी बिक्री: सरकार IRFC में अधिकतम 2% हिस्सेदारी बेचेगी।
- प्रारंभिक बिक्री: पहले 1% हिस्सेदारी बेची जाएगी, मांग पर अतिरिक्त 1% "ग्रीनशू ऑप्शन" के तहत बेचा जा सकता है।
- लक्ष्य राशि: इस बिक्री से ₹2300 करोड़ से अधिक जुटाने का लक्ष्य है।
- न्यूनतम मूल्य: प्रति शेयर न्यूनतम मूल्य ₹91 निर्धारित किया गया है, जो मंगलवार को BSE पर IRFC के बंद भाव ₹98.37 से लगभग 7.8% कम है।
- कुल शेयर: ऑफर में कुल 26.13 करोड़ शेयर शामिल हैं।
- निवेशक: गैर-खुदरा निवेशकों के लिए पेशकश बुधवार को खुली, जबकि खुदरा निवेशक गुरुवार को बोली लगा सकते हैं।
निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) ने इस योजना की पुष्टि की है। DIPAM सचिव अरुणेश चावला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि सरकार IRFC में 1% इक्विटी के साथ अतिरिक्त 1% ग्रीनशू ऑप्शन की पेशकश कर रही है।
यह हिस्सेदारी बिक्री सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में सार्वजनिक शेयरधारिता बढ़ाने और गैर-कर राजस्व जुटाने के सरकार के प्रयासों का हिस्सा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में, सरकार ने विनिवेश और परिसंपत्ति मुद्रीकरण के माध्यम से ₹80,000 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। इस महीने की शुरुआत में, सरकार ने जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (GIC Re) में 5% हिस्सेदारी की बिक्री सफलतापूर्वक पूरी की थी, जिसे निवेशकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
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स्रोत: यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रेलवे रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल रिपोर्ट पढ़ें
