मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का पहला चरण 2027 में होगा शुरू - Mumbai-Ahmedabad Bullet Train Phase 1 to Start in 2027
मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- भारत की पहली बुलेट ट्रेन सेवा का सूरत-बिलिमोरा खंड 2027 में होगा चालू।
- केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की घोषणा।
- 508 किलोमीटर लंबे मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का 80% काम पूरा।
- जापानी शिंकानसेन तकनीक का हो रहा उपयोग।
- यात्रियों को पूरे कॉरिडोर के पूरा होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, चरणबद्ध तरीके से खुलेंगे खंड।
मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (MAHSR) पर भारत की पहली बुलेट ट्रेन सेवा का पहला चरण 2027 में शुरू होने जा रहा है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि इस कॉरिडोर का सूरत-बिलिमोरा खंड (Surat-Bilimora section) देश का पहला परिचालन बुलेट ट्रेन मार्ग बनेगा। यह कदम भारत में हाई-स्पीड रेल यात्रा की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
यह परियोजना जापान की प्रसिद्ध शिंकानसेन तकनीक का उपयोग कर रही है, जो तेज, सुरक्षित और कुशल रेल कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए जानी जाती है। मंत्री वैष्णव ने बताया कि 508 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर के शेष खंडों को निर्माण प्रगति के अनुसार चरणबद्ध तरीके से खोला जाएगा। इससे यात्रियों को पूरे प्रोजेक्ट के कमीशन होने का इंतजार किए बिना ही पूर्ण हुए हिस्सों का उपयोग करने का अवसर मिलेगा।
रेल मंत्रालय के अनुसार, मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना का लगभग 80 प्रतिशत काम पहले ही पूरा हो चुका है। यह परियोजना मुंबई और अहमदाबाद जैसे देश के दो सबसे व्यस्त वाणिज्यिक केंद्रों के बीच यात्रा के समय को काफी कम कर देगी, साथ ही क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी और आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी।
प्रस्तावित उद्घाटन अनुक्रम में सूरत-बिलिमोरा के बाद वापी-सूरत, वापी-अहमदाबाद, अहमदाबाद-ठाणे और अंत में अहमदाबाद-मुंबई खंड शामिल हैं। इस परियोजना से पर्यटन और निवेश को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है, जिससे भारत का रेलवे बुनियादी ढांचा आधुनिक बनेगा। हाल ही में, मंत्री वैष्णव ने हैदराबाद के आसपास तीन और बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की भी घोषणा की है, जो हैदराबाद को पुणे, चेन्नई और बेंगलुरु से जोड़ेंगे। यह भारत के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार की केंद्र सरकार की दीर्घकालिक योजना का हिस्सा है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
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स्रोत: यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रेलवे रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल रिपोर्ट पढ़ें
