कैबिनेट ने ओडिशा और झारखंड में 2 मल्टी-ट्रैकिंग रेल परियोजनाओं को दी मंजूरी | Cabinet Approves 2 Multi-Tracking Rail Projects in Odisha & Jharkhand
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने हाल ही में रेल मंत्रालय की दो मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंज़ूरी दे दी है। इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 3,907 करोड़ रुपये है, जो ओडिशा और झारखंड के चार जिलों को कवर करेंगी और भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 145 किलोमीटर का विस्तार करेंगी।
मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- परियोजना लागत: 3,907 करोड़ रुपये।
- कवर किए गए राज्य: ओडिशा और झारखंड (4 जिले)।
- नेटवर्क विस्तार: लगभग 145 किलोमीटर।
- परियोजनाएं: परेडिप – हरिदासपुर (दोहरीकरण) और राजखरसवां – डांगोआपोसी (चौथी लाइन)।
- लाभ: गतिशीलता में वृद्धि, परिचालन दक्षता में सुधार, भीड़भाड़ में कमी, और क्षेत्र के लोगों के लिए रोज़गार के अवसर।
- PM-गति शक्ति: परियोजनाएं पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप हैं।
परियोजना का विवरण (Project Details)
इन स्वीकृत परियोजनाओं में परेडिप – हरिदासपुर मार्ग का दोहरीकरण और राजखरसवां – डांगोआपोसी मार्ग पर चौथी लाइन का निर्माण शामिल है। ये महत्वपूर्ण मार्ग कोयला, लौह अयस्क, डोलोमाइट, चूना पत्थर और जिप्सम जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए आवश्यक हैं। क्षमता वृद्धि से 44 एमटीपीए (मिलियन टन प्रति वर्ष) का अतिरिक्त माल यातायात होगा।
लाभ और महत्व (Benefits and Significance)
ये मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाएं भारतीय रेलवे की परिचालन दक्षता और सेवा विश्वसनीयता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएंगी। इससे लगभग 1,526 गांवों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जिनकी आबादी लगभग 14 लाख है। यह लालितगिरि बौद्ध परिसर, श्री बलदेवजेव मंदिर और मेघाहातुबुरु हिल्स जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक रेल कनेक्टिविटी में भी सुधार करेगा। रेलवे का पर्यावरण-अनुकूल और ऊर्जा-कुशल परिवहन मोड होने के कारण, यह देश के जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने और लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने में मदद करेगा, जिससे 6 करोड़ लीटर तेल आयात कम होगा और 29 करोड़ किलोग्राम CO2 उत्सर्जन कम होगा, जो 1 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है। ये परियोजनाएं 'आत्मनिर्भर भारत' के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं, जो क्षेत्र के समग्र विकास के माध्यम से लोगों के लिए रोजगार/स्वरोजगार के अवसर बढ़ाएंगी।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
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स्रोत: यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रेलवे रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल रिपोर्ट पढ़ें
