Alstom Secures EUR 107 Million WAG-12B Locomotive Maintenance Contract in India | अल्स्टॉम को भारत में वैग-12बी लोकोमोटिव रखरखाव के लिए 107 मिलियन यूरो का अनुबंध मिला

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Railway News Desk
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Alstom Secures EUR 107 Million WAG-12B Locomotive Maintenance Contract in India | अल्स्टॉम को भारत में वैग-12बी लोकोमोटिव रखरखाव के लिए 107 मिलियन यूरो का अनुबंध मिला

Alstom has secured a EUR 107 million contract for the maintenance of 250 WAG-12B locomotives at the Nagpur depot for five years. | अल्स्टॉम को नागपुर डिपो में 250 वैग-12बी लोकोमोटिव के रखरखाव के लिए पांच साल का 107 मिलियन यूरो का अनुबंध मिला है।

मुख्य बिंदु (Key Highlights)

  • अनुबंध मूल्य: अल्स्टॉम को भारतीय रेलवे से 107 मिलियन यूरो (लगभग 960 करोड़ रुपये) का नया रखरखाव अनुबंध मिला है।
  • लोकोमोटिव की संख्या: यह अनुबंध नागपुर डिपो में 250 WAG-12B इलेक्ट्रिक मालगाड़ी लोकोमोटिव के रखरखाव के लिए है।
  • अनुबंध अवधि: यह समझौता पांच साल की अवधि के लिए है।
  • साझेदारी: यह अनुबंध अल्स्टॉम और भारतीय रेलवे के संयुक्त उद्यम, माधेपुरा इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव प्राइवेट लिमिटेड (MELPL) को दिया गया है।
  • महत्व: WAG-12B लोकोमोटिव भारत के डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं।

नई दिल्ली: फ्रांसीसी रोलिंग स्टॉक और रेलवे सिस्टम निर्माता अल्स्टॉम ने भारतीय रेलवे के साथ अपनी साझेदारी के माध्यम से WAG-12B इलेक्ट्रिक मालगाड़ी लोकोमोटिव के लिए 107 मिलियन यूरो (लगभग 960 करोड़ रुपये) का एक नया रखरखाव अनुबंध हासिल किया है। यह समझौता नागपुर डिपो में 250 लोकोमोटिव की सेवाओं को कवर करता है और इसकी अवधि पांच साल है।

WAG-12B लोकोमोटिव और उनका महत्व (WAG-12B Locomotives and Their Importance)

यह अनुबंध माधेपुरा इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव प्राइवेट लिमिटेड (MELPL) को प्रदान किया गया है, जो अल्स्टॉम और भारतीय रेलवे का एक संयुक्त उद्यम है। यह नया समझौता पिछले चार साल के सफल अनुबंध के बाद आया है, जिसे कंपनी एक परिचालन सफलता मानती है। अल्स्टॉम के अनुसार, नागपुर डिपो भारतीय रेल क्षेत्र में भारतीय रेलवे के साथ उसके सहयोग के लिए एक बेंचमार्क बन गया है।

फर्स्ट T8 WAG-12B लोकोमोटिव की शक्ति 12,000 CP (हॉर्सपावर) है और इनका उपयोग मुख्य रूप से भारी माल परिवहन के लिए किया जाता है। ये 6,000 मीट्रिक टन तक का भार ढो सकते हैं और 120 किमी/घंटा तक की गति से यात्रा कर सकते हैं। अल्स्टॉम का कहना है कि ये लोकोमोटिव भारत में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे रेल क्षमता बढ़ती है और माल परिवहन से होने वाले उत्सर्जन में कमी आती है।

रखरखाव और भविष्य की योजनाएँ (Maintenance and Future Plans)

समझौते के तहत, MELPL 250 लोकोमोटिव के व्यापक रखरखाव के साथ-साथ डिपो के बुनियादी ढांचे का भी रखरखाव करेगा। इसमें अल्स्टॉम की मोबाइल रैपिड-रिस्पांस टीमों का संचालन भी शामिल है, जो उपकरणों और अतिरिक्त पुर्जों से लैस होकर भारत भर के रणनीतिक स्थानों पर तैनात रहेंगी। इन टीमों को तकनीकी मुद्दों को हल करने और बेड़े की उपलब्धता को अधिकतम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। अल्स्टॉम इंडिया के प्रबंध निदेशक ओलिवियर लॉयसन ने कहा, “इस अनुबंध का नवीनीकरण भारतीय रेलवे के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और हमारी साझेदारी की सफलता की एक मजबूत पुष्टि है।” अल्स्टॉम की भारतीय परिचालन 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसी सरकारी पहलों के अनुरूप हैं।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q1. अल्स्टॉम को भारतीय रेलवे से कौन सा नया अनुबंध मिला है?
अल्स्टॉम को भारतीय रेलवे के साथ एक संयुक्त उद्यम, माधेपुरा इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव प्राइवेट लिमिटेड (MELPL) के माध्यम से WAG-12B इलेक्ट्रिक मालगाड़ी लोकोमोटिव के रखरखाव के लिए 107 मिलियन यूरो का अनुबंध मिला है।
Q2. इस अनुबंध का मूल्य कितना है और यह कितने समय के लिए है?
इस अनुबंध का मूल्य 107 मिलियन यूरो (लगभग 960 करोड़ रुपये) है और यह पांच साल की अवधि के लिए है।
Q3. WAG-12B लोकोमोटिव की मुख्य विशेषताएं क्या हैं?
WAG-12B लोकोमोटिव 12,000 CP (हॉर्सपावर) की शक्ति वाले होते हैं, जो 6,000 मीट्रिक टन तक का भार ढो सकते हैं और 120 किमी/घंटा की गति से चल सकते हैं। ये भारी माल परिवहन के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
Q4. इस अनुबंध के तहत नागपुर डिपो में क्या कार्य किया जाएगा?
नागपुर डिपो में 250 WAG-12B लोकोमोटिव का व्यापक रखरखाव किया जाएगा, जिसमें डिपो के बुनियादी ढांचे का रखरखाव और अल्स्टॉम की मोबाइल रैपिड-रिस्पांस टीमों का संचालन शामिल है।
Q5. भारतीय रेलवे के लिए WAG-12B लोकोमोटिव का क्या महत्व है?
WAG-12B लोकोमोटिव भारत के डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) परियोजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे रेल क्षमता बढ़ती है, माल परिवहन अधिक कुशल होता है, और उत्सर्जन में कमी आती है।

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स्रोत: यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रेलवे रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल रिपोर्ट पढ़ें

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