केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत की पहली बुलेट ट्रेन सेवा के संचालन की तारीख की घोषणा की है, साथ ही दिल्ली से चार नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की विस्तृत योजना भी साझा की है। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (MAHSR) कॉरिडोर का पहला चरण 15 अगस्त, 2027 तक सूरत और बिलिमोरा के बीच शुरू हो जाएगा।
मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन: पहला चरण (सूरत-बिलिमोरा) 15 अगस्त, 2027 तक शुरू होगा; पूरा कॉरिडोर 2029 तक।
- दिल्ली से नए कॉरिडोर: दिल्ली को अगला प्रमुख बुलेट ट्रेन हब बनाया जाएगा, चार नए कॉरिडोर प्रस्तावित।
- प्राथमिकता वाला कॉरिडोर: दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर को प्राथमिकता दी गई है।
- यात्रा समय में कमी: दिल्ली-लखनऊ यात्रा 2 घंटे 10 मिनट, दिल्ली-अमृतसर 2 घंटे में संभव होगी।
- स्वदेशी विकास: भारत अपनी पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन 'B35' विकसित कर रहा है।
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का पहला चरण (First Phase of Mumbai-Ahmedabad Bullet Train)
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हैदराबाद में HYSEA GCCS & IT Roundtable में बताया कि 508 किलोमीटर लंबे मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का लगभग 80% काम पूरा हो चुका है। पहला खंड सूरत और बिलिमोरा के बीच 15 अगस्त, 2027 तक चालू हो जाएगा। पूरी परियोजना 2029 तक पूरी होने की उम्मीद है, जिसमें ट्रेनें 320 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति से चलेंगी। मुंबई के पास समुद्र के नीचे 7 किलोमीटर सहित 20.37 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण भी प्रगति पर है।
दिल्ली बनेगा अगला बुलेट ट्रेन हब (Delhi to Become the Next Bullet Train Hub)
मुंबई-अहमदाबाद परियोजना के बाद, केंद्र सरकार दिल्ली को देश के अगले प्रमुख बुलेट ट्रेन हब के रूप में विकसित करने की योजना बना रही है, जिसमें चार हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर प्रस्तावित हैं। इनमें से दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन को प्राथमिकता वाली परियोजना के रूप में पहचाना गया है।
- दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी कॉरिडोर: लगभग 813-865 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर दिल्ली-लखनऊ की यात्रा को 2 घंटे 10 मिनट और दिल्ली-वाराणसी को 3 घंटे 50 मिनट तक कम कर देगा। इसमें नोएडा, जेवर हवाई अड्डा और लखनऊ से अयोध्या तक एक लिंक लाइन शामिल होगी।
- दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर: यह भारत का सबसे लंबा प्रस्तावित बुलेट ट्रेन मार्ग होगा, जो लगभग 1,705 किलोमीटर लंबा होगा और दिल्ली, पटना, न्यू जलपाईगुड़ी (सिलीगुड़ी) को जोड़ेगा। यह यात्रा के समय को लगभग 6 घंटे तक कम कर देगा।
- दिल्ली-जयपुर-उदयपुर-अहमदाबाद कॉरिडोर: लगभग 886 किलोमीटर लंबा यह मार्ग दिल्ली, राजस्थान और गुजरात को जोड़ेगा, जिससे पर्यटन और व्यापार स्थलों के बीच यात्रा तेज होगी।
- दिल्ली-अमृतसर-जम्मू कॉरिडोर: लगभग 450-500 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर दिल्ली, चंडीगढ़, लुधियाना और अमृतसर को जोड़ेगा, दिल्ली से अमृतसर की यात्रा को सिर्फ दो घंटे तक कम करेगा। भविष्य में इसे जम्मू और कटरा तक बढ़ाया जाएगा।
हैदराबाद हाई-स्पीड रेल हब और स्वदेशी बुलेट ट्रेन (Hyderabad High-Speed Rail Hub and Indigenous Bullet Train)
रेल मंत्री ने यह भी बताया कि हैदराबाद को पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-चेन्नई और हैदराबाद-बेंगलुरु जैसे तीन नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के साथ एक प्रमुख हाई-स्पीड रेल हब बनाने की योजना है। इसके अतिरिक्त, भारत अपनी पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन 'B35' विकसित कर रहा है, जिसके परीक्षण जल्द ही होने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य प्रति वर्ष लगभग 250 किलोमीटर बुलेट ट्रेन ट्रैक बिछाना है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
📖 यह भी पढ़ें
स्रोत: यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रेलवे रिपोर्टिंग पर आधारित है। मूल रिपोर्ट पढ़ें
